शुक्रवार 16 जनवरी 2026 - 19:20
समझदारी और एकता से ही दुशमन को सामना किया जा सकता हैः आयतुल्लाह सईदी

हौज़ा / क़ुम अल मुक़द्देसा के इमाम जुमा आयतुल्लाह सईदी ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही दुशमन की योजनाओ से संबंधित युवाओ और किशोरो का अवगत कराना ज़रूरी है, सुप्रीम लीडर ने क़ुम अल मुक़द्देसा मे अपने संबोधन के दौरान युवाओ और किशोरो से कहा था कि एकता की रक्षा कीजिए और उसे बाकी रखिए, क्योकि यही एकता है जो दुशमन की हर योजना का असफ़ल बना देगी, और इस एकता को स्थापित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज समझदारी है, हमे अपने दुशमन को पहचानना होगा।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, क़ुम अल मुक़द्देसा के इमाम जुमा आयतुल्लाह सईदी ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही दुशमन की योजनाओ से संबंधित युवाओ और किशोरो का अवगत कराना ज़रूरी है, सुप्रीम लीडर ने क़ुम अल मुक़द्देसा मे अपने संबोधन के दौरान युवाओ और किशोरो से कहा था कि एकता की रक्षा कीजिए और उसे बाकी रखिए, क्योकि यही एकता है जो दुशमन की हर योजना का असफ़ल बना देगी, और इस एकता को स्थापित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज समझदारी है, हमे अपने दुशमन को पहचानना होगा।

ईरान इराक के 8 वर्षीय युद्ध के बाद दुशमन ने यह तय कर लिया कि जनता और इस्लामी निज़ाम के बीच खाई पैदा कर दी जाए, इस उद्देश्य को लेकर दुशमन ने काम करना शुरू कर दिया ताकि जनता को इस्लामी सरकार के खिलाफ़ उकसाया जाए, क़ौम, मज़हब, क़बीले, राजनित समस्याए, आर्थिक समस्याओ को हवा देना शुरू किया ताकि सरकार और जनता के बीच फ़ूट डाली जाए।

क़ुम के इमाम जुमा ने कहा कि दंगा और फ़साद के घटनाओ विशेष रूप से 2099 और 2022 मे इसी दुशमन के षडयंत्र का परिणआम था, हालिक आंतरिक तत्व भी इस मे लिप्त पाए गए लेकिन इन दंगो के मास्टर माइंड विदेशो मे बैठे हुए है।

उन्होने आगे कहा कि उनका उद्देश्य यह था कि जनता को इस्लामी निज़ाम के खिलाफ खड़ा कर दिया जाए, हालाकि उनको इस उद्देश्य मे असफलता हाथ आई, दुश्मन यह सोच रहा था कि गृह युद्ध के माध्यम से इस्लामी निज़ाम हिल जाएगा और जनता रोड पर निकल आएगी और इस्लामी सरकार गिर जाएगी, लेकिन वह शायद 12 दिव्सीय युद्ध के दिन भूल बैठे है कि किस प्रकार से जनता ने एकजुट होकर ईरान को जीत दिलाई।

क़ुम के इमाम जुमा ने कहा बीते 47 वर्षो के अनुभव, क्रांति के दोनो सुप्रीम लीडर के बयानात ने सिद्ध कर दिया है कि एकता और एकजुटता ही क्रांति के बाक़ी रहने के गारंटर है, क्रांति के सुप्रीम लीडर ने भी 12 दिव्सीय युद्ध मे सफलता को इसी एकता की ऋणि बताया, जब तक क़ौम मे एकता बाकी है, दुनिया की कोई भी ताक़त ईरान को हरा नही कर सकती।

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